हिमाचल प्रदेश में मानसून की लगातार बारिश का कहर जारी है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन और बाढ़ के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शुक्रवार सुबह जनजातीय जिले किन्नौर के लिप्पा में बादल फटने की घटना हुई, जिससे व्यापक नुकसान की सूचना है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बादल फटने से आई बाढ़ ने बगीचों और खेतों को बहा दिया। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का आंकलन किया।
इस घटना में दो लोग लापता भी हुए थे, लेकिन बाद में उन्हें सुरक्षित पाया गया। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को तुरंत सक्रिय कर दिया है।
स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि मानसून के इस दौर में पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और बाढ़ की घटनाओं का खतरा अधिक होता है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया है कि वह सतर्क रहें और नदी या नाले के किनारे न जाएं।
विशेषज्ञों का कहना है कि लिप्पा और आसपास के क्षेत्रों में ऐसे प्राकृतिक आपदाओं के लिए तत्काल प्रतिक्रिया टीम और स्थानीय प्रशासन का सक्रिय रहना बेहद जरूरी है। प्रशासन ने प्रभावित लोगों के लिए सुरक्षित ठहराव और जरूरी राहत सामग्री की व्यवस्था की है।
मानसून की लगातार बारिश से राज्य के कई हिस्सों में सड़क यातायात बाधित हो गया है और प्रशासन ने सभी जिलों में सतर्कता बढ़ा दी है।
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