रांची, 31 अगस्त( हि.स.)। राजधानी रांची में दुर्गा पूजा की तैयारियां जोर-जोर से चल रही है एक से बढ़कर एक पंडालों का निर्माण हो रहा है। इसी क्रम में नेताजी नगर दुर्गा पूजा कमेटी कांटाटोली इस साल ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित भव्य पंडाल का निर्माण कर रही है। 17 लाख की लागत से बनने वाला यह पंडाल अलग होगा। पंडाल के मुख्य द्वार पर भारत माता की 15 फीट की प्रतिमा स्थापित होगी, जिसमें वे 4 शेरों के साथ दिखाई देंगी। यहां से प्रवेश करते ही बादल दिखेगा। आगे बढ़ने पर देश के लिए फांसी के फंदे पर चढ़ चुके शहीदों की पेंटिंग देखने को मिलेगी। पंडाल में फांसी का फंदा लटकाया गया है, जो शहीदों के बलिदान को याद दिलाएगा। इसमें 480 फंदा लगाए जा रहे हैं। आसनसोल के कारीगरों की ओर से इसका निर्माण किया जा रहा है।
मां दुर्गा की मूर्ति 12 फीट की होगी। समिति ने पिछले वर्ष माता के मुखौटा की थीम पर बेहद आकर्षक पंडाल का निर्माण किया था। समिति के सचिव राहुल कुमार ने रविवार को बताया कि यह रांचीवासियों के लिए बहुत की अलग अनुभव होगा। शहीदों के बलिदान को याद कर भावुक भी होंगे।
इस बार भोग में खास बदलाव किया गया है। बंगाल में मिट्टी के बर्तन में भोग को पत्ता से ढ़क कर धागा से बांध कर दिया जाता है। वैसे ही यहां पर भी इस बार अष्टमी के दिन महाभोग दिया जाएगा। इसके लिए समिति द्वारा 5 हजार छोटे-छोटे मिट्टी के घड़ा मंगाया गया है। षष्टी को खीर, सप्तमी को पूड़ी, हलुआ, अष्टमी को खिचड़ी, खीर, सब्जी, नवमी को पुलाव और दशमी को बुंदिया, पूड़ी का भोग मां को लगाकर वितरित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 27 सितंबर को पट खुलेगा। अष्टमी को बंगाल का लोकप्रिय धुनुची नाच और नवमी को भव्य जागरण होगा। सचिव ने बताया कि पंडाल के उद्घाटन करने से पहले गुरुजी को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
आयोजन को सफल बनाने में गौतम घोष, अमित कुमार दास, जॉय दास, राहुल कुमार, संदीप घोष शुभोजित गुहा, तरूण घोष रोलर दास व अन्य लगे है।
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(Udaipur Kiran) / विकाश कुमार पांडे
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