समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने शनिवार को बिहार में वोटर अधिकार यात्रा के समापन समारोह में शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने बिहार के बदलते माहौल का जिक्र करते हुए दावा किया कि इस बार इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी और तेजस्वी यादव बिहार के अगले मुख्यमंत्री होंगे। उनका ये बयान सियासी हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
वोटर अधिकार यात्रा ने खोली चुनाव आयोग की पोलअखिलेश ने वोटर अधिकार यात्रा को लेकर तंज कसा और कहा कि इस यात्रा ने चुनाव आयोग की आंखें खोल दी हैं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “अब तो लगता है कि चुनाव आयोग ‘जुगाड़ आयोग’ बन गया है।” उनका ये बयान मौजूदा चुनावी व्यवस्था पर करारा प्रहार है।
बीजेपी पर जमकर बरसे अखिलेशअखिलेश ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “बीजेपी एक इस्तेमाली पार्टी है। पहले इस्तेमाल करती है, फिर बर्बाद कर देती है। इसके कई उदाहरण हमारे सामने हैं।” उन्होंने बिहार की जनता से अपील की कि इस बार सौहार्द और भाईचारे को वोट दें। साथ ही, उन्होंने सवाल उठाया कि बिहार सरकार और दिल्ली की केंद्र सरकार ने पिछले कई सालों में जनता से किए अपने वादों को कितना पूरा किया? अखिलेश ने कहा कि जनता सब याद रखती है और अब जवाब मांग रही है।
संभल रिपोर्ट को बताया बीजेपी की चालसंभल रिपोर्ट पर बोलते हुए अखिलेश ने इसे बीजेपी की साजिश करार दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “ये रिपोर्ट सिर्फ लोगों का ध्यान भटकाने के लिए है। हमारे यहां तो खुद मुख्यमंत्री प्रवासी हैं। उन्हें पहले अपना हिसाब देना चाहिए कि कितनी नौकरियां दीं, कितना निवेश लाए और कितना विकास किया।” उनका ये बयान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सीधा हमला माना जा रहा है।
घुसपैठ के सवाल पर दिया करारा जवाबघुसपैठ को लेकर पूछे गए एक सवाल पर अखिलेश ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, “घुसपैठिया किसे कहेंगे? हमारे यहां तो खुद प्रवासी मुख्यमंत्री हैं।” उनका ये बयान सियासी गलियारों में खूब सुर्खियां बटोर रहा है।
आखिर क्या है संभल रिपोर्ट का मसला?उत्तर प्रदेश के संभल में हुए दंगों की जांच के लिए बनाई गई न्यायिक समिति ने अपनी रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, लगातार होने वाले सांप्रदायिक दंगों की वजह से संभल में हिंदू आबादी में भारी कमी आई है। जांच में ये भी सामने आया है कि इन दंगों ने शहर की जनसांख्यिकी को गहराई से प्रभावित किया है। ये रिपोर्ट अब सियासी बहस का बड़ा मुद्दा बन गई है।
You may also like
उत्तरांचल उत्थान परिषद की वार्षिक आम बैठक, वार्षिक पत्रिका 'हिमांजलि' का विमोचन
एशियाई योगासन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक विजेता के सम्मान में विधायक ने की 350 मी. सड़क बनाने की घोषणा
1 सितम्बर से सड़कों पर सख्ती! हेल्मेट नहीं-तो पेट्रोल नहीं… नियम तोड़ा तो लगेगा 1000 जुर्माना
बनारस में जश्ने ईद मिलादुन्नबी में होगा नातिया मुकाबला,निकलेगा विशाल जुलूस-ए-मोहम्मदी
रबी 2025-26 : किसानों को मिलेगा निःशुल्क दलहनी-तिलहनी बीज मिनीकिट